शिवसागर: आटासू के अध्यक्ष बसंत गोगोई ने सोमवार को कहा कि यमुना क्षेत्र में विरासत संरक्षण से जुड़े मुद्दे पर प्रशासन की कथित अवहेलना के विरोध में 6 तारीख को बंद बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कर वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित नहीं किया जाता, संगठन का आंदोलन जारी रहेगा।
गोगोई ने आरोप लगाया कि यमुना के किनारे कुछ लोगों ने बकरी काटने की जगह बना ली है और मल-मूत्र तथा बकरी काटने का कचरा नदी में डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन ने प्रशासन और सरकार से अतिक्रमण हटाने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने शिवसागर के स्थानीय विधायक पर भी इस मुद्दे पर ध्यान न देने का आरोप लगाया। गोगोई के मुताबिक, अतिक्रमण संबंधी जानकारी संगठन को एक साल पहले ही मिल चुकी थी और वह उसी आधार पर काम कर रहा है।
सोशल मीडिया पर यमुना मुद्दे को बाढ़ के सवाल से ध्यान हटाने की कोशिश बताए जाने पर गोगोई ने इसे खारिज किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ को लेकर संगठन ने हजारों लोगों के साथ सड़कों पर विरोध किया है और मुआवजे की रकम मिलने के सरकारी दावों के बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं किया था।
गोगोई ने कहा कि आटासू का किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है और उसका रुख लोगों तथा विरासत के साथ है। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय मूलनिवासी लोगों ने विरासत की रक्षा के लिए संगठन के आंदोलन का समर्थन किया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है तो संगठन आगे जाकर नावों और अन्य ढांचों को हटाने की कोशिश करेगा। गोगोई ने कहा कि ऐसी कार्रवाई में कानूनी मामला बनता है तो संगठन उसके लिए तैयार है।
गोगोई ने यह भी आरोप लगाया कि शिवसागर के डीसी और एडीसी पर एक ठेकेदार से आंदोलन पर चर्चा कराने के लिए दबाव डाला गया। प्रशासन, सरकार या स्थानीय विधायक की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब नजर इस पर रहेगी कि बंद से पहले प्रशासन अतिक्रमण और संरक्षण की मांगों पर क्या कदम उठाता है।