नई दिल्ली:
QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भारत की मौजूदगी बढ़ी है, लेकिन देश के शीर्ष छह संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। इस सूची में भारत के कुल 325 संस्थानों को जगह मिली है, जिनमें 34 संस्थान पहली बार शामिल हुए हैं।
IIT दिल्ली भारत का सबसे बेहतर रैंक वाला संस्थान बना हुआ है। हालांकि, एशिया में इसकी रैंकिंग 59वें स्थान से गिरकर 66वें स्थान पर आ गई है। भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु 79वें स्थान पर है। इसके बाद IIT बॉम्बे 83वें और IIT मद्रास 85वें स्थान पर हैं।
IIT खड़गपुर को 90वां और IIT कानपुर को 97वां स्थान मिला है। इन सभी छह संस्थानों की रैंकिंग पिछले साल के मुकाबले नीचे आई है।
IIT गुवाहाटी को एशिया में 120वां स्थान मिला है, जबकि IIT रुड़की 124वें स्थान पर है। दिल्ली यूनिवर्सिटी 95वें स्थान से गिरकर 106वें स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी ओर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 109वें से 104वें और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने 187वें से 154वें स्थान पर सुधार किया है।
इस बार की रैंकिंग में 26 उच्च शिक्षा प्रणालियों की कुल 1,722 यूनिवर्सिटी शामिल हैं। भारत 325 संस्थानों के साथ चीन के बाद एशिया में दूसरा सबसे बड़ा प्रतिनिधित्व रखने वाला देश बन गया है।
रैंकिंग में हांगकांग यूनिवर्सिटी लगातार दूसरे साल पहले स्थान पर रही। पेकिंग यूनिवर्सिटी दूसरे और सिंघुआ यूनिवर्सिटी तीसरे स्थान पर पहुंच गई। इस तरह शीर्ष तीन में चीन की दो यूनिवर्सिटी शामिल हैं।
एशिया में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को भारतीय संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट की एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। इस साल सूची में 195 नई यूनिवर्सिटी शामिल हुई हैं। अकादमिक प्रतिष्ठा और नियोक्ता प्रतिष्ठा के मानकों पर भी कई भारतीय संस्थानों का प्रदर्शन कमजोर हुआ है।