3 नवंबर: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने आश्वासन दिया है कि जनता की सहमति के बिना प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जाएगा। अपर सियांग जिले में विरोध प्रदर्शन तेज होने और 36 घंटे के बंद के बीच मुख्यमंत्री ने स्थानीय आदि समुदाय के लोगों को खुला पत्र लिखकर यह भरोसा दिलाया।

खांडू ने कहा कि उन्हें स्थानीय लोगों की भूमि अधिग्रहण, विस्थापन और घरों को खोने से जुड़ी चिंताओं का एहसास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना को लेकर भविष्य में कोई भी निर्णय जन परामर्श, पारदर्शिता और स्थानीय समुदाय की सहमति के आधार पर ही लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 11,200 मेगावाट की प्रस्तावित परियोजना का निर्माण फिलहाल शुरू करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अभी केवल प्री-फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसके जरिए परियोजना के पर्यावरणीय और तकनीकी पहलुओं का आकलन किया जाएगा।

खांडू ने भारत-चीन सीमा के पास यारलुंग त्सांगपो नदी पर चीन की ओर से बनाए जा रहे विशाल बांध का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, सियांग नदी के लगभग 65 प्रतिशत जल का स्रोत ऊपरी क्षेत्र में है। ऐसे में घाटी में अचानक बाढ़ और सर्दियों में पानी की कमी का खतरा बना रहता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों और समुदाय के नेताओं को बातचीत के लिए आमंत्रित किया। हालांकि, उन्होंने आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि हिंसा और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।