गुवाहाटी, 6 नवंबर: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जुबीन गर्ग मौत मामले के एक गवाह को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गायक की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर चले आंदोलन का नेतृत्व करने वाले एक प्रमुख सांस्कृतिक व्यक्तित्व ने अदालत में अलग बयान दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह ऐसे गवाह की बात करना चाहते हैं, जिसने पूरे आंदोलन में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई थी। सरमा के मुताबिक, उस व्यक्ति ने कुछ दिन पहले अदालत में गवाही दी और कथित तौर पर कहा कि जुबीन की भी गलती थी।

सरमा ने उस व्यक्ति को सांस्कृतिक जगत का एक महत्वपूर्ण चेहरा बताते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान उसके बयान और साक्षात्कार काफी चर्चा में रहे थे।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, “गवाह टेलीविजन पर कुछ और कहते हैं और अदालत में कुछ और।” उन्होंने कहा कि वह अदालत के रिकॉर्ड के आधार पर यह बात कह रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मामले में फैसला आने के बाद गवाहों के नाम और उनके बयान सामने आएंगे। इसके बाद असम के लोग खुद पूरे मामले की जांच कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एडवोकेट जनरल ने उन्हें सुबह इस संबंध में जानकारी दी थी। हालांकि, उन्होंने संबंधित गवाह का नाम उजागर नहीं किया।

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद जुबीन गर्ग मौत मामले में गवाहों के बयानों और आंदोलन के दौरान सार्वजनिक रूप से दिए गए बयानों के बीच कथित अंतर को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।