गुवाहाटी, 6 नवंबर: जुबीन गर्ग की मौत के मामले में आरोपी श्यामकानु महंत और सिद्धार्थ संदीपन गर्ग की जमानत याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। हालांकि, दोनों की याचिकाओं पर सुनवाई 30 नवंबर तक टाल दी गई। इसी दिन अमृतप्रभा महंत और संदीपन गर्ग को गुवाहाटी हाईकोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ असम सरकार की विशेष अनुमति याचिकाओं पर भी एक साथ सुनवाई होगी।
असम के महाधिवक्ता देबजीत लोन सैकिया ने मीडिया को बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पहले ही तीन से चार बार सुनवाई हो चुकी है। शुक्रवार को राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि अब तक करीब 143 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। बाकी गवाहों की प्रक्रिया जारी है।
आरोपियों की ओर से गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा अमृतप्रभा महंत और संदीपन गर्ग को जमानत दिए जाने का उल्लेख किया गया। इसके जवाब में असम सरकार ने बताया कि उसने इन जमानत आदेशों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिकाएं दाखिल की हैं। इन याचिकाओं पर सुनवाई पहले 16 नवंबर के लिए निर्धारित थी।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने चारों मामलों की सुनवाई 30 नवंबर को एक साथ करने का फैसला किया।
सैकिया के मुताबिक, मामले में कुल 394 गवाह हैं। हालांकि, अभियोजन पक्ष सभी गवाहों को अदालत में बुलाने के बजाय केवल महत्वपूर्ण गवाहों पर ध्यान देगा। इसके तहत गवाहों की संख्या करीब 230 से 240 तक सीमित रखने की योजना है।
उन्होंने बताया कि मामले की सुनवाई 8 जून से शुरू हुई थी और पिछले चार से पांच महीनों से रोजाना सुनवाई हो रही है। उनके अनुसार, सरकारी पक्ष ने अब तक किसी भी चरण में सुनवाई टालने की मांग नहीं की है।
महाधिवक्ता ने उम्मीद जताई कि मौजूदा गति बनी रहने पर अगले तीन से चार महीनों में ट्रायल पूरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि जुबीन गर्ग को न्याय दिलाने के लिए असम सरकार जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले के मुख्य आरोपी श्यामकानु महंत और सिद्धार्थ संदीपन गर्ग को अब तक जमानत नहीं मिली है।