3 नवंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विदेशी मदद से सत्ता में आने और पद पर बने रहने का आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखा पलटवार किया है। राहुल गांधी की टिप्पणियों पर तंज कसते हुए रिजिजू ने उनकी तुलना “इस्लामी कट्टरपंथियों के धर्मनिरपेक्षता की बात करने” से की। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी भारत के दुश्मनों के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं।

रिजिजू ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर राहुल गांधी के विदेशी समर्थन संबंधी आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ खुली बहस करने की राहुल गांधी की चुनौती को भी खारिज कर दिया। रिजिजू ने कहा कि उच्चस्तरीय बहस परिपक्व लोगों के बीच होती है।

इससे पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि नरेंद्र मोदी विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और विदेशी ताकतों के समर्थन से ही पद पर बने हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत की वित्तीय व्यवस्था विदेशियों के नियंत्रण और समर्थन पर निर्भर है तथा विदेशी सोशल मीडिया भी प्रधानमंत्री के पक्ष में काम कर रहा है। राहुल गांधी ने इन आरोपों पर प्रधानमंत्री को किसी भी मंच पर खुली बहस की चुनौती दी थी।

यह राजनीतिक बयानबाजी तब शुरू हुई जब पिछले सप्ताह गुजरात दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए उसे ‘विरोध पक्ष’ के बजाय ‘अवरोध पक्ष’ करार दिया था। मोदी ने आरोप लगाया था कि कुछ ताकतें देश को बांटने की साजिश कर रही हैं। उन्होंने विदेशों में होने वाली कथित गुप्त बैठकों को लेकर भी सवाल उठाए थे।

प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर देश के विकास में बाधा डालने और सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें तथा झूठ फैलाने का आरोप भी लगाया था।

इसके जवाब में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर ही विदेशी मदद से सत्ता में बने रहने का आरोप लगाया। अब रिजिजू की ताजा टिप्पणी से भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।