वॉशिंगटन, 4 नवंबर: अमेरिका के 2026 के मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। ताजा नतीजों के अनुसार, प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) में भी डेमोक्रेट्स ने नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस तरह कांग्रेस के दोनों सदनों पर डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण हो गया है। इससे ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के अगले दो वर्षों में उनके विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने में मुश्किलें आ सकती हैं।

चुनाव से पहले सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 सीटें थीं, जबकि डेमोक्रेट्स और उनके साथ गठबंधन में शामिल दो निर्दलीय सदस्यों के पास 47 सीटें थीं। बहुमत हासिल करने के लिए डेमोक्रेट्स को कई सीटों पर जीत दर्ज करनी थी। इस बार उन्होंने टेक्सास, नॉर्थ कैरोलाइना, साउथ कैरोलाइना, ओहायो, कंसास और आयोवा जैसे रिपब्लिकन के मजबूत माने जाने वाले राज्यों में भी अहम जीत हासिल की।

टेक्सास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको ने रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन को हराया। ओहायो में शेरोड ब्राउन ने जॉन हस्टेड को पराजित किया, जबकि नॉर्थ कैरोलाइना में रॉय कूपर ने डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए सीनेट की सीट जीती।

चुनाव परिणामों को ट्रंप प्रशासन के प्रति मतदाताओं की नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत, ईरान के साथ युद्ध और सरकारी भ्रष्टाचार के आरोप चुनाव प्रचार के प्रमुख मुद्दे रहे। Associated Press के मतदाता सर्वेक्षण में भी अर्थव्यवस्था और देश की मौजूदा दिशा को लेकर व्यापक असंतोष सामने आया।

सीनेट पर नियंत्रण मिलने से डेमोक्रेट्स को विधायी एजेंडे और राष्ट्रपति द्वारा नामित अधिकारियों की नियुक्ति पर अधिक प्रभाव मिलेगा। प्रतिनिधि सभा में भी बहुमत मिलने के बाद ट्रंप प्रशासन के खिलाफ जांच, संसदीय सुनवाई और अन्य निगरानी गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

यह परिणाम ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शेष समय के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है। ट्रंप ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों को हार के लिए जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की है और डेमोक्रेटिक विधेयकों पर वीटो लगाने का संकेत भी दिया है।