4 नवंबर: अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन पर ईरान ने प्रतिक्रिया दी है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने दावा किया कि अमेरिकी जनता ने युद्ध को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और जारी संघर्ष के बीच मतदाताओं ने अपनी राय जाहिर की है।

गालिबाफ ने कहा कि अमेरिकी सरकार को अपने नागरिकों की इच्छा के खिलाफ काम नहीं करना चाहिए। उनके मुताबिक, चुनावी नतीजे युद्ध और लगातार बढ़ती जीवन-यापन की लागत को लेकर जनता की नाराजगी को दर्शाते हैं।

इस बीच, ईरान ने सोशल मीडिया के जरिए भी चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया दी है। ‘Iran in India’ नाम के एक अकाउंट से साझा किए गए वीडियो में कुछ लोग डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर को उठाकर कूड़ेदान में फेंकते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के जरिए रिपब्लिकन पार्टी के चुनावी झटके पर ट्रंप का मजाक उड़ाया गया है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल की आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की खबरों ने भी जनता की नाराजगी बढ़ाई है।

वहीं, टेक्सास में भी बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। 36 साल बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने राज्य में गवर्नर का पद जीता है। पार्टी की उम्मीदवार जीना हिनोजोसा को करीब 56.8 प्रतिशत वोट मिले हैं।

अमेरिकी चुनाव में युद्ध और बढ़ती जीवन-यापन लागत प्रमुख मुद्दों के रूप में सामने आए हैं। गालिबाफ की टिप्पणी के बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर चर्चा में है।