गुवाहाटी, 6 नवंबर: गौहाटी हाईकोर्ट ने भूमि अधिकार कार्यकर्ता प्रणब डोले को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में रखने के आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। हालांकि, फैसले का विस्तृत विवरण और हिरासत रद्द करने के कारण खबर लिखे जाने तक उपलब्ध नहीं थे।
डोले को 12 जुलाई को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व के पास प्रस्तावित लग्जरी होटल परियोजना के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले 28 जून को इंगले पाथर गांव में स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
बाद में एक सत्र अदालत ने डोले को जमानत दे दी थी। हालांकि, असम सरकार ने उनके खिलाफ NSA लागू कर दिया, जिससे जमानत मिलने के बावजूद उनकी रिहाई नहीं हो सकी।
सरकारी पत्र के अनुसार, डोले के खिलाफ 13 मामले दर्ज किए गए थे। उन पर राज्य के खिलाफ नफरत फैलाने, समुदायों के बीच तनाव बढ़ाने और सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए गए थे।
पुलिस की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि डोले और अन्य लोग हथियारों के साथ परियोजना स्थल में दाखिल हुए थे। उन पर सीमेंट मिक्सर में आग लगाने की कोशिश करने, 12 पुलिसकर्मियों को घायल करने और ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप भी लगाए गए थे।
जमानत देते समय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नूर मोहम्मद अब्दुल्ला अहमद ने कहा था कि यह विवाद पर्यावरण को होने वाले नुकसान से जुड़ी चिंताओं से पैदा हुआ था। उन्होंने कहा था कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के अस्तित्व से जुड़े मुद्दों पर लोगों की आवाज दबाने के लिए आपराधिक कानून का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट के ताजा फैसले से डोले की NSA के तहत हिरासत का आदेश रद्द हो गया है। अदालत के विस्तृत आदेश का इंतजार है।