गुवाहाटी, 6 नवंबर: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर अपने सरकारी आवास के बाहर हो रहे प्रदर्शनों पर आपत्ति जताई है। गुरुवार को उन्होंने प्रदर्शनकारियों से आवास के बाहर प्रदर्शन करने के बजाय सुप्रीम कोर्ट में जमानत का विरोध करने को कहा।

सरमा ने कहा, “हिम्मत है तो सुप्रीम कोर्ट जाकर विरोध कीजिए।” उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कानूनी रास्ता अपनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आवास के बाहर प्रदर्शन होने से उनकी पत्नी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर आशंका पैदा हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि वह दिन का अधिकांश समय घर से बाहर रहते हैं और किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

सरमा ने कहा कि जुबीन गर्ग के नाम पर असम में अशांति नहीं फैलनी चाहिए। उनके मुताबिक, जुबीन खुद अशांति पसंद नहीं करते थे। उन्होंने अन्य मंत्रियों के आवास के बाहर भी प्रदर्शन होने का उल्लेख करते हुए इस तरीके पर सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अखिल गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर उनके आवास और सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन करने की बात कही थी। सरमा ने कहा कि वह ऐसी टिप्पणी को लेकर मुख्य न्यायाधीश से अदालत की अवमानना के आधार पर कार्रवाई करने का आग्रह करेंगे।

गौरतलब है कि जुबीन गर्ग की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर जुबीन क्षेत्र, चचल और मंत्रियों के आवासों के बाहर कई प्रदर्शन हो चुके हैं।

प्रदर्शनकारी सड़कों पर विरोध के जरिए अपनी मांग उठा रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री उन्हें कानूनी प्रक्रिया अपनाने की सलाह दे रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि प्रदर्शनकारी अपना तरीका बदलेंगे या सुप्रीम कोर्ट में कोई नई कानूनी पहल करेंगे।