अहमदाबाद: अमरेली पुलिस की जांच में एसडी पे और अपना पे ऐप से जुड़े कथित निवेश घोटाले का आकार 1,200 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। सितंबर में सामने आए इस मामले में अब तक 18 FIR दर्ज हुई हैं और करीब एक दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

गुजरात स्थित स्टार्टअप के एसडी पे ऐप को 2024 में मुख्य आरोपी बताए गए धवल पटेल ने लॉन्च किया था। ऐप ने बिल भुगतान और मोबाइल रिचार्ज आसान बनाने का दावा किया, लेकिन पुलिस के मुताबिक निवेशकों को निवेश की रकम के हिसाब से रोजाना 0.15 से 0.30 प्रतिशत तक रिटर्न का लालच दिया गया। रेफरल के जरिए ऐप करीब 15 लाख लोगों तक पहुंचा।

पुलिस का आरोप है कि शुरुआत में ब्याज और कैशबैक का भुगतान नए निवेशकों से आई रकम से किया गया। जांचकर्ताओं के मुताबिक, सात कंपनियां बनाई गईं, लेकिन इनमें से किसी ने उत्पादन, बिक्री या सेवा के जरिए आमदनी नहीं की। पुलिस ने कहा कि निवेशकों को जोड़ने के लिए रेफरल कैशबैक भी दिया गया, जिसमें पहले स्तर पर 30 प्रतिशत तक और 10वें से 15वें स्तर तक 3 प्रतिशत भुगतान का वादा था।

वडोदरा की 48 वर्षीय शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने 2025 में अपने 1BHK फ्लैट की बिक्री से मिले 9.5 लाख रुपये ऐप में लगाए थे। 2026 के मध्य तक उनके डिजिटल वॉलेट में 50 लाख रुपये का बैलेंस दिखा, लेकिन ऐप बंद होने के बाद वे रकम नहीं निकाल सकीं। उनके मुताबिक, उनके जरिए जुड़े 31 लोगों ने कुल 42 लाख रुपये निवेश किए थे।

पुलिस को सुरेंद्रनगर का एक ऐसा निवेशक भी मिला, जिसने कथित तौर पर 20 लाख रुपये का निजी कर्ज, पत्नी के नाम 20 लाख रुपये का कर्ज और 20 लाख रुपये का गोल्ड लोन लेकर ऐप में निवेश किया। पुलिस के मुताबिक, वह अपनी मूल रकम भी वापस नहीं ले सका। जांच में किसानों, शिक्षकों, बैंकरों और एक पूर्व IAS अधिकारी समेत अलग-अलग तबकों के निवेशक सामने आए हैं।

मार्च 2026 में रोजाना मिलने वाला रिटर्न रुकने लगा तो आरोपियों ने निवेश के बदले शेयर देने शुरू किए और IPO लाने का दावा किया, पुलिस के मुताबिक। अमरेली के SP संजय खरात ने बताया कि राजकोट से गिरफ्तार संतोष पाठक के एसडी पे खाते में 30 अक्टूबर तक 16 करोड़ रुपये दर्ज थे और उसे 20 रुपये के सांकेतिक मूल्य पर 2 लाख शेयर आवंटित होने की रसीद दी गई थी।

6 जून 2026 को सावरकुंडला के 32 वर्षीय कंप्यूटर ऑपरेटर ने 2 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दी थी। रकम लौटने के बाद उसने शिकायत वापस ले ली, लेकिन अमरेली पुलिस ने जांच जारी रखी। पुलिस को शिव धरती कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड के यस बैंक खाते से रकम के लेन-देन का पता चला और राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर इस कंपनी के खिलाफ दूसरे राज्यों से ऑनलाइन फ्रॉड की 4 शिकायतें मिलीं। आरोपियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, BUDS एक्ट, गुजरात जमाकर्ता हित संरक्षण कानून, प्राइज चिट्स कानून और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज है।