गुवाहाटी: कलाकार मानस रॉबिन ने जुबिन गर्ग की मौत के मामले को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उठे विवाद पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस ‘दोमुंहे कलाकार’ का उल्लेख किया था, वह वह नहीं हैं।
मानस रॉबिन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया और कुछ मीडिया संस्थानों ने उन्हें उस कलाकार के रूप में पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान ने विशेष सूत्रों के हवाले से उनका नाम भी प्रकाशित किया, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि वह इस मामले में शिकायत दर्ज कराने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के पास गए थे। हालांकि, उन्हें अब तक अदालत ने नहीं बुलाया है। ऐसे में एसआईटी के सामने एक और अदालत में दूसरा बयान देने का सवाल ही नहीं उठता।
मानस रॉबिन ने मामले पर मुख्यमंत्री की कुछ टिप्पणियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि असम में मौजूद 165 या उससे अधिक गवाहों के बयानों के आधार पर सिंगापुर में हुई घटना पर न्यायिक फैसला नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, उस समय सिंगापुर में मौजूद गवाहों के बयान अधिक महत्वपूर्ण होने चाहिए।
उन्होंने यह भी पूछा कि यदि किसी कलाकार के जुबिन गर्ग की गलती होने संबंधी बयान से मामला कमजोर पड़ता है, तो किसी दूसरे कलाकार के विपरीत बयान का मामले पर क्या असर होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
मानस रॉबिन ने कहा कि जुबिन गर्ग की मौत को लेकर चल रही राजनीतिक बहस और बयानबाजी में कलाकार का नाम इस्तेमाल करना उचित नहीं है। उन्होंने जुबिन के लिए न्याय की मांग पर सभी से एकजुट होने की अपील की और 22 नवंबर को खानापाड़ा खेल मैदान में जनसभा करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सभा के लिए उन्हें अभी तक प्रशासन की अनुमति नहीं मिली है।