नई दिल्ली, 6 नवंबर: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार की जगह वोटर आईडी इस्तेमाल करने के प्रस्ताव को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे भाजपा की व्यापक साजिश का हिस्सा बताया।

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं के लाभ को वोटर आईडी से जोड़ने से लोगों की कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच प्रभावित हो सकती है।

सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के खिलाफ नाराजगी रखने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी मतदाता सूची तैयार करने की कोशिश हो रही है, जिसमें बहुमत हमेशा भाजपा के पक्ष में रहे।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए वोटर आईडी अनिवार्य कर दी गई, तो भविष्य में राशन, पेंशन, मनरेगा मजदूरी, आवास सहायता, छात्रवृत्ति और आरक्षण जैसी सुविधाओं पर भी असर पड़ सकता है।

राहुल गांधी ने कहा कि मतदान नागरिकों का अधिकार है, न कि सरकारी योजनाओं का लाभ पाने की शर्त।

गौरतलब है कि केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने घोषणा की थी कि मंत्रालय की सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता और लाभ पाने वालों को अपना मतदाता पहचान पत्र यानी EPIC नंबर देना होगा और अनिवार्य बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से गुजरना होगा।