कलियाबर: चाय बागान श्रमिकों से किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाते हुए असम टी ट्राइब्स स्टूडेंट्स एसोसिएशन (ATTSA) ने 7 नवंबर को कलियाबर के दो चाय बागानों में विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन सिलघाट स्थित कलियाबर टी एस्टेट और कुथरी स्थित जगदंबा टी एस्टेट में आयोजित किए गए। संगठन ने चाय श्रमिकों के भूमि अधिकार, मजदूरी में बढ़ोतरी और चाय समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग उठाई।
सिलघाट के कलियाबर टी एस्टेट में ATTSA सदस्यों ने सुबह दो घंटे तक धरना दिया। संगठन का आरोप है कि भाजपा ने चुनाव के दौरान चाय श्रमिकों को जमीन के पट्टे और मजदूरी बढ़ाने का वादा करके उनका समर्थन मांगा था, लेकिन सत्ता में आने के बाद इन वादों को पूरा नहीं किया।
वहीं, कुथरी स्थित जगदंबा टी एस्टेट के कारखाने के बाहर ATTSA की कुथरी उप-शाखा ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चाय श्रमिकों को जमीन का मालिकाना हक, चाय समुदाय को ST का दर्जा और दैनिक मजदूरी बढ़ाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, कलियाबर के विधायक केशब महंत, असम सरकार और राज्य के श्रम मंत्री के खिलाफ नारे लगाए गए।
जगदंबा टी एस्टेट में प्रदर्शन के बाद ATTSA ने बागान प्रबंधक को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें दोहराईं।