गुवाहाटी: जुबीन गर्ग की मौत के मामले में फास्ट ट्रैक अदालत में चल रही गवाहों की गवाही को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बड़ा बयान दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस मामले में 160 गवाहों ने अदालत में आरोपियों के खिलाफ कोई बात नहीं कही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमृत प्रभा के खिलाफ भी किसी गवाह ने कुछ नहीं कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “160 गवाहों ने आरोपियों के खिलाफ कुछ नहीं कहा। इन 160 गवाहों में से किसी ने भी अमृत प्रभा के खिलाफ एक शब्द तक नहीं कहा। अदालत में कुछ और कहते हैं और बाहर आकर मीडिया को कुछ और बयान देते हैं।”
न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट की प्रक्रिया पर सवाल उठाना किसी के लिए भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि असम सरकार ने कभी न्यायपालिका पर सवाल नहीं उठाए हैं।
सरमा के अनुसार, यदि गवाह उनके सामने एक बात कहते हैं और अदालत में दूसरी बात रखते हैं, तो सरकार क्या कर सकती है। इस संदर्भ में उन्होंने हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रांजल दास के फैसले का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री का दावा है कि फैसले में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 160 गवाहों ने अदालत में कुछ नहीं कहा।
मुख्यमंत्री ने जुबीन गर्ग को न्याय दिलाने के लिए चल रहे आंदोलन से जुड़े सांस्कृतिक जगत के एक प्रमुख व्यक्ति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि उस व्यक्ति ने अदालत में जाकर कहा कि जुबीन की भी गलती थी।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद जुबीन गर्ग की मौत के मामले में चल रही सुनवाई और न्याय की मांग को लेकर जारी आंदोलन फिर चर्चा में आ गया है।