गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बिजली दरों में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना से इनकार किया है। उन्होंने दावा किया कि उपभोक्ताओं पर अधिकतम पांच पैसे का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यह बढ़ोतरी केवल तीन महीने के लिए लागू होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से बिजली उत्पादन की लागत भी बढ़ गई है। इसके अलावा, बाहर से बिजली खरीदने के लिए भी अब अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पहले एक यूनिट बिजली एक रुपये में खरीदी जाती थी, लेकिन अब इसके लिए 1.20 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। उनके अनुसार, बिजली खरीदने की लागत में हुई यह बढ़ोतरी अतिरिक्त खर्च का प्रमुख कारण है।
मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। इसका असर ईंधन की कीमतों पर पड़ा है।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। बिजली दरों में अधिकतम पांच पैसे की ही बढ़ोतरी होगी। उन्होंने बिजली बिलों में बड़ी वृद्धि होने की खबरों को भी खारिज किया।
उन्होंने आगे कहा कि यह अतिरिक्त शुल्क केवल तीन महीने तक लिया जाएगा। बढ़ी हुई लागत से हुए नुकसान की भरपाई होते ही अतिरिक्त शुल्क वापस ले लिया जाएगा।
हालांकि, नई दरें कब से लागू होंगी और तीन महीने की अवधि की गणना कैसे होगी, इसकी जानकारी सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।